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Mulakat Shayari​ In Hindi | 2 Line First Meeting Shayari

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Some meetings stay in our hearts forever. A single glance, a few words, or a special moment can create memories that last a lifetime. This collection of Mulakat Shayari beautifully captures the emotions of first meetings, unexpected encounters, heartfelt reunions, and unforgettable memories. If you love expressing your feelings through poetry, these Mulakat Shayari will touch your heart and help you connect with your emotions.

Whether you are remembering a first love, an incomplete meeting, or a beautiful moment spent with someone special, this collection has something for every feeling. From romantic lines to emotional lines, these Mulakat Shayari reflect the joy, pain, excitement, and memories that every meeting leaves behind. Explore these heartfelt words and find the perfect Mulakat Shayari to express what your heart truly feels.

Mulakat Shayari​ In Hindi

वो पल याद है जब पहली बार तुमसे मिले थे,
दिल की धड़कन भी जैसे उस दिन रुक गई थी।

बिछड़ने के बाद जब फिर सामने आए तुम,
लगा जैसे टूटा हुआ दिल फिर से जुड़ गया।

नज़रें मिलीं तो लफ़्ज़ों की ज़रूरत न रही,
उस एक पल ने सब कुछ बयाँ कर दिया।

इंतज़ार की हर रात इसी उम्मीद में गुज़री,
कि एक बार फिर तुमसे मिलने का मौका मिलेगा।

सालों बाद जब उसी राह पर नज़र पड़ी,
दिल में एक हलचल सी उठ आई अचानक।

तुमसे मिलकर जो सुकून मिलता है,
वो किसी और के पास जाकर कहाँ मिलेगा।

यादों की गली में अक्सर भटकता हूँ,
उस मुलाकात का एक लम्हा ढूँढने के लिए।

रूह तक उतर जाती है तुम्हारी बातें,
हर मुलाकात एक नई कहानी लिख जाती है।

आँखों में आँसू थे पर होठों पर मुस्कान थी,
वो मुलाकात दर्द और सुकून दोनों दे गई।

किस्मत ने मिलाया था हमें उस शाम,
वरना इन राहों पर मिलना आसान न था।

खामोशी भी बोलती है जब तुम सामने हो,
हर बार की मुलाकात एक अहसास बन जाती है।

तुमसे मिलने की चाहत कम न हुई कभी,
हर विदाई के बाद इंतज़ार और गहरा हो गया।

Aakhri Mulakat Shayari​​ In Hindi

वो आखिरी मुलाकात अब भी तड़पाती है,
जब तुमने मुड़कर देखा और फिर चले गए।

आँखें भर आई थीं पर रोना न था मुझे,
उस आखिरी लम्हे में बस तुम्हें देखता रहा।

जाना तो था तुम्हें यह दिल जानता था,
फिर भी उस आखिरी विदाई ने तोड़ दिया।

हाथ छूटा जब उस मोड़ पर तुम्हारा,
लगा जैसे कोई हिस्सा अपना खो गया।

उस रात की ठंडक अब भी महसूस होती है,
जब आखिरी बार तुमने गले मिलकर कहा — अलविदा।

वो बात जो कहनी थी, कह न सका मैं,
और वो लम्हा आखिरी मुलाकात बन गया।

तुम्हारी आँखों में भी नमी थी उस शाम,
शायद तुम भी जानते थे यह आखिरी बार है।

रास्ते अलग हो गए उस एक मोड़ के बाद,
वो आखिरी मुलाकात ज़िंदगीभर याद रहेगी।

कितनी बातें अधूरी रह गईं उस पल,
जब आखिरी बार सामने थे और कुछ न बोले।

यादें तो बहुत हैं पर सबसे भारी वो है,
जिस दिन आखिरी बार तुम्हारी आवाज़ सुनी थी।

मुड़कर देखा था तुमने एक बार जाते हुए,
उस एक नज़र को दिल ने हमेशा के लिए सँभाल लिया।

सोचा न था कि वो शाम आखिरी होगी,
वरना उस पल को यूँ जाने न देता।

Ek Mulakat Shayari​

एक मुलाकात ही काफी थी दिल चुराने को,
तुमने देखा और मैं खो गया हमेशा के लिए।

बस एक बार मिले थे उस भीड़ में,
पर वो एक मुलाकात पूरी ज़िंदगी पर भारी पड़ी।

एक लम्हे की वो नज़रों की मुलाकात,
हज़ार ख्वाबों की नींव बन गई।

एक मुलाकात ने जो घाव दिए हैं,
वो वक्त के साथ और गहरे होते जा रहे हैं।

सिर्फ एक बार मिलने की थी ख्वाहिश,
पर उस एक मुलाकात ने सब बदल दिया।

उस एक शाम की मुलाकात का असर देखो,
आज भी हर रात उसी को सोचकर सो जाता हूँ।

तुमसे एक बार मिला था और दिल हार गया,
वो एक मुलाकात सौ मोहब्बतों पर भारी थी।

जानता हूँ फिर मिलना मुश्किल है,
पर उस एक मुलाकात की याद सबसे प्यारी है।

एक मुलाकात में जो तुमने दिया,
वो सालों की तन्हाई भी छीन न सकी।

बस एक पल का वो साथ था तुम्हारा,
पर उस एक पल ने दिल में घर बना लिया।

यादों का एक ही सहारा है अब,
वो एक मुलाकात जो हमेशा के लिए दिल में बस गई।

एक मुलाकात और हज़ार यादें,
तुमसे मिलना किसी इबादत से कम न था।

Pehli Mulakat Shayari​

पहली बार जब नज़रें तुमसे मिली थीं
दिल ने कहा — यही है वो जिसका इंतज़ार था।

उस पहली मुलाकात की खुशबू आज भी बाकी है,
जैसे कोई पुरानी किताब का पन्ना खुल जाए।

पहली बार देखा था तुम्हें उस भोर में,
लगा जैसे सूरज उस दिन पहली बार उगा हो।

झिझक भी थी, शर्म भी थी उस पहले मिलन में,
पर दिल की धड़कन सब कुछ बयाँ कर रही थी।

वो पहली मुलाकात का हर पल याद है,
तुम्हारी हर बात, हर अदा, हर मुस्कान याद है।

पहली बार मिले तो लफ़्ज़ ही न निकले,
आँखें ही सब कुछ कह गईं उस शाम।

तुमसे पहली बार मिलने के बाद,
दुनिया कुछ अलग सी रंगीन लगने लगी।

धड़कन तेज़ थी, साँसें उलझी थीं,
वो पहली मुलाकात आज भी ज़िंदा है अहसासों में।

कितनी बार सोचा था कैसे मिलूँगा,
पर जब मिले तो सब भूल गए होश-ओ-हवास।

पहली मुलाकात का वो दिन सुनहरा था,
जैसे ज़िंदगी ने एक नई राह दिखाई हो।

तुम्हें देखते ही जाना था दिल ने,
यह इंसान मेरी ज़िंदगी बदलने आया है।

उस पहली मुलाकात के बाद से यही लगता है,
कि कुछ रिश्ते तकदीर लिखती है खुद।

2 Lines Shayari On Mulaqat​

तुमसे मिलना हर बार एक नई दुनिया में जाना है,
और तुमसे बिछड़ना हर बार खुद को खोना है।

नज़रें झुकीं, दिल धड़का, लफ़्ज़ न निकले,
वो एक मुलाकात बहुत कुछ कह गई खामोशी में।

इंतज़ार लंबा था पर मिलने पर सब भूल गया,
तुम्हारी एक नज़र ने सारा दर्द धो दिया।

मिलते हैं तो लगता है वक्त रुक गया,
बिछड़ते हैं तो लगता है सब कुछ टूट गया।

तेरी राह में बैठा हूँ सालों से,
बस एक बार फिर मिल जाए — यही दुआ है।

यादों में तुम इस तरह बसे हो,
जैसे हर सोच का अंजाम तुम हो।

रोज़ मिलते हैं फिर भी दिल भरता नहीं,
हर मुलाकात पहली मुलाकात जैसी लगती है।

तुमसे मिलकर जो चैन मिलता है,
वो दुनिया की किसी दौलत में नहीं।

आँखों में तुम्हारी छवि है हमेशा,
हर मुलाकात एक नई याद बन जाती है।

दूरियाँ कितनी भी हों मगर दिल पास है,
और तुमसे मिलने की चाहत हमेशा जिंदा है।

मिलना किस्मत में हो तो रोका नहीं जाता,
बिछड़ना भी तकदीर हो तो कोई क्या करे।

ख़ामोश मुलाकातें भी बहुत कुछ बोलती हैं,
जब दो दिल एक-दूसरे को महसूस करते हों।

Adhuri Mulaqat Shayari In Hindi 

वो मुलाकात शुरू हुई थी और अधूरी रह गई,
कितनी बातें थीं जो होंठों तक आकर रुक गईं।

बातें अधूरी थीं, रास्ते अधूरे थे,
तुमसे वो मुलाकात भी अधूरी ही रही।

जो कहना था वो कह न सका उस रोज़,
अब वो अधूरे लफ़्ज़ दिल में ही घुटते हैं।

मिले ज़रूर थे पर मिलना पूरा न हुआ,
वो अधूरी मुलाकात एक नासूर बन गई।

तुम जाने लगे और मैं देखता रहा,
वो पल कभी पूरा न हो सका — बस अधूरा रह गया।

हर बार अधूरी ही रही वो मुलाकात,
जब भी मिले, वक्त ने छीन लिया हमें।

अधूरी मुलाकात का दर्द अलग होता है,
न पूरी तसल्ली मिलती है, न पूरा गम।

तुमसे मिला था पर मन न भरा,
वो एक अधूरी मुलाकात आज भी तड़पाती है।

बिछड़ने की जल्दी थी दुनिया को उस दिन,
और हमारी मुलाकात अधूरी छूट गई।

सोचा था बहुत कुछ बताऊँगा तुम्हें,
पर हर बार मिलकर भी मुलाकात अधूरी रही।

वो मुलाकात न पूरी हुई, न भूली गई,
बस अधूरी यादों की तरह दिल में लटकी है।

इच्छाएँ थीं बहुत, वक्त कम था,
और अधूरी मुलाकात ने दिल को अधूरा कर दिया।

Latest Mulaqat Shayari In Hindi

आज के ज़माने में भी वो पुराना दर्द ताज़ा है,
तुमसे मिलने की चाहत अब भी उतनी ही गहरी है।

ज़िंदगी की भागदौड़ में एक पल तुम्हारा मिल जाए,
बस इसी एक ख्वाहिश में हर दिन गुज़र जाता है।

नए रिश्ते बने, नई राहें बनीं,
पर तुमसे मिलने की चाहत वही पुरानी रही।

शहर बदले, मौसम बदले, ज़माना बदला,
पर दिल में तुम्हारी मुलाकात की याद न बदली।

डिजिटल इस दुनिया में सब ऑनलाइन मिलते हैं,
पर तुम्हारी एक असली मुलाकात का कोई बदल नहीं।

दूर हो तुम फिर भी करीब लगते हो,
हर याद एक ताज़ी मुलाकात जैसी लगती है।

सोशल मीडिया पर नज़र आते हो रोज़,
पर उस असली मुलाकात का इंतज़ार अब भी है।

तुम्हारी आवाज़ फोन पर सुनता हूँ,
पर सामने बैठकर मिलने की तड़प अलग है।

ज़माना कितना भी आधुनिक हो जाए,
दिल को दिल से मिलना आज भी उतना ही ज़रूरी है।

मैसेज भेजते हैं, ऑनलाइन रहते हैं,
पर उस आमने-सामने की मुलाकात की बात अलग है।

 

First Mulakat Love Shayari​

आँखें मिलीं और दिल हार गया उस पल,
पहली मुलाकात में ही मुकम्मल हो गई मेरी दुनिया।

प्यार का एहसास हुआ था उस पहले मिलन में,
जब तुमने मुस्कुराया था और दिल थम गया था।

पहली बार मिले थे तो जाना नहीं था,
कि यह मुलाकात मोहब्बत की शुरुआत है।

तुम्हारी पहली झलक ने दिल जीत लिया,
वो पल प्यार की सबसे खूबसूरत याद है।

शरमाना, झुकाना नज़रें, मुस्कुराना चुपके से,
पहली मुलाकात का वो प्यार आज भी ताज़ा है।

पहली मुलाकात में तुम्हें देखकर जाना,
कि प्यार किताबों में नहीं, आँखों में होता है।

दिल ने पहली ही नज़र में तुम्हें चुन लिया,
और वो पहली मुलाकात का प्यार आज भी जिंदा है।

तुम्हारी पहली मुस्कान ने घायल कर दिया,
मोहब्बत की शुरुआत हुई उस एक पल से।

पहली बार जब तुम्हारा हाथ छुआ था अनजाने में,
उस एक लम्हे ने दिल में प्यार का बीज बो दिया।

तुम्हें देखा और महसूस हुआ यही है प्यार,
वो पहली मुलाकात ज़िंदगी का सबसे हसीन मोड़ थी।

Aaj Unse Mulakat Hui Shayari​

आज उनसे मुलाकात हुई बरसों के बाद,
दिल ने कहा — कहाँ थे इतने दिन।

आज अचानक वो सामने आ गए,
और पुरानी सारी यादें एक साथ जाग उठीं।

सालों बाद आज उन्हें देखा उसी राह पर,
वक्त ने उन्हें बदला था पर आँखें वही थीं।

आज जब उनसे नज़रें मिलीं,
तो लगा जैसे वक्त एक पल के लिए रुक गया।

आज उनसे मिला तो होश न रहा,
दिल ने वो सारे ज़ख्म फिर से महसूस किए।

आज उनकी आवाज़ सुनी तो याद आया,
कितने दिन बाद इस आवाज़ को सुना है।

उनसे आज मिलकर खुशी भी हुई,
और एक अजीब सी तकलीफ भी दिल में उठी।

रोज़ सोचता था कि मिलें तो क्या कहूँगा,
पर आज जब मिले तो एक लफ़्ज़ न निकला।

आज मिले तो लगा कुछ बदला नहीं,
वही आँखें, वही अदा, वही मेरा प्यार।

True Love Pehli Mulakat Shayari​

पहली नज़र में जो प्यार हुआ था,
वो सच्चा था — वक्त ने इसे साबित कर दिया।

तुमसे पहली बार मिला तो जाना,
कि सच्ची मोहब्बत आँखों से नहीं, रूह से होती है।

पहली मुलाकात में जो अहसास हुआ,
वो किसी नाटक में नहीं, दिल की गहराई से आया था।

सच्चा प्यार वो था जो तुम्हें देखते ही जागा,
पहली मुलाकात में ही दिल ने हाँ कह दी थी।

पहली बार मिले और दिल को यकीन हो गया,
यह प्यार झूठा नहीं, यह सच्चा इश्क है।

तुम्हारी पहली मुलाकात में जो सच्चाई थी,
वो हज़ार झूठे रिश्तों से भारी थी।

सच्ची मोहब्बत की पहचान हुई उस दिन,
जब पहली मुलाकात में दिल ने खुद को दे दिया।

वो पहली मुलाकात सच्चे प्यार का पहला कदम था,
जिसने ज़िंदगी की राह हमेशा के लिए बदल दी।

तुमसे पहली बार मिलने का वो लम्हा पवित्र था,
सच्चे प्यार की उस शुरुआत को मैं कभी न भूलूँगा।

Mulakat Par Shayari

हर मुलाकात एक नई कहानी लिखती है,
और हर विदाई अगली मुलाकात की तैयारी करती है।

मिलते हैं तो लगता है — काश यह पल रुक जाए,
बिछड़ते हैं तो लगता है — काश यह पल न आता।

तुम्हारी हर मुलाकात दिल को सुकून देती है,
और हर दूरी उस सुकून की कीमत बताती है।

मुलाकातें कम हों तो यादें ज़्यादा होती हैं,
और यादें ज़्यादा हों तो दर्द गहरा होता है।

हर बार मिलना एक नई शुरुआत है,
और हर बार बिछड़ना एक अधूरी दास्तान।

तुमसे मिलकर दुनिया खूबसूरत लगती है,
और तुम्हारे बिना हर रंग फीका लगता है।

जब भी तुमसे मिलने का वक्त आता है,
दिल एक अजीब खुशी से भर जाता है।

Adhuri Mulakat Shayari​

बातें शुरू हुई थीं और वक्त ने रोक दिया,
वो मुलाकात अधूरी रह गई — बस यही गम है।

तुमसे मिला ज़रूर पर दिल न भरा,
हर मुलाकात अधूरी लगती है तुम्हारे बिना।

जो कहना था वो होठों पर आकर रुक गया,
और वो अधूरी मुलाकात दिल में अटकी रह गई।

वो शाम अधूरी थी, वो मुलाकात अधूरी थी,
और अब ज़िंदगी भी अधूरी लगती है तुम्हारे बिना।

मिले थे थोड़े वक्त के लिए उस रोज़,
पर उस अधूरी मुलाकात ने दिल पूरा तोड़ा।

अधूरी मुलाकात का दर्द यह है,
कि न पूरा मिल पाए, न पूरा भूल पाए।

तुमसे मिलकर भी एक अधूरापन रहा हमेशा,
जैसे कोई ज़रूरी बात कही ही न जा सकी।

उस मुलाकात में बहुत कुछ था कहने को,
पर अधूरी विदाई ने सब निगल लिया।

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