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Matlabi Paise Ki Duniya Hai Shayari 87+ पैसे पर शायरी

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We live in a world where money often matters more than feelings, and people change when their benefit changes. Matlabi Paise Ki Duniya Hai Shayari talks about this truth in a simple and emotional way, showing how relationships lose their value when money becomes the priority. It is not just poetry, but a reflection of real life that many people have experienced.

In today’s time, when even care and respect depend on money, Matlabi Paise Ki Duniya Hai Shayari helps us understand the reality of such a selfish world. These lines speak for those who feel hurt and ignored. That is why Matlabi Paise Ki Duniya Hai Shayari feels so real, honest, and close to the heart.

Matlabi Paise Ki Duniya Hai Shayari

Matlabi Paise Ki Duniya Hai Shayari

यहाँ इज़्ज़त भी नोट गिन के मिलती है,
ग़रीब की सच्चाई अक्सर बेकार समझी जाती है।

पैसे ने रिश्ते और नीयत दोनों बदल दिए,
मतलबी दुनिया ने सच के रंग फीके कर दिए।

वक़्त ने सिखा दिया ये कड़वा सा सबक,
मतलब के बिना कोई याद नहीं रखता अब।

इंसान का मोल अब उसकी हैसियत से है,
पैसे के आगे हर रिश्ता कमज़ोर सा है।

आख़िर समझ आया इस दुनिया का उसूल,
मतलब निकलते ही लोग कर देते हैं भूल।

आजकल रिश्ते भी हिसाब से तोलने लगे हैं,
पैसे की दुनिया में जज़्बात सस्ते हो गए हैं।

कुछ लोग सिर्फ़ तब तक अपने लगते हैं,
जब तक जेब में पैसा और चेहरे पर चमक होती है।

सच ये है कि यहाँ वफ़ा नहीं बिकती,
मतलबी पैसे की दुनिया सिर्फ़ फ़ायदा देखती।

लोग मुस्कुराते भी मतलब से हैं यहाँ,
पैसे के बिना कोई पूछता तक नहीं यहाँ।

हर रिश्ता अब ज़रूरत पर टिक गया है,
पैसे ने इंसान को ही इंसान से दूर कर दिया है।

ज़रूरत ख़त्म होते ही लोग बदल जाते हैं,
मतलबी दुनिया में अपने भी पराये हो जाते हैं।

अक्सर वही लोग सबसे ज़्यादा ज्ञान देते हैं,
जो पैसों के लिए अपनी ज़मीर बेच देते हैं।

Paise Ki Shayari

Paise Ki Shayari

पैसे ने सब कुछ सिखा दिया ज़िंदगी में,
अपने कौन हैं और पराये कौन, एक ही पल में।

आज पैसा है तो सलाम मिलती है,
कल न हो तो पहचान भी भूल जाती है।

कहते हैं पैसा सब कुछ नहीं होता,
पर बिना पैसे के यहाँ कुछ भी नहीं होता।

जब जेब भरी होती है तो दुनिया साथ चलती है,
खाली हो जाए तो हर मुस्कान बदलती है।

लोगों का प्यार भी आजकल नाप-तोल कर मिलता है,
पैसे के बिना हर रिश्ता अधूरा सा लगता है।

सच्चाई अक्सर ग़रीब के साथ होती है,
पर सुनवाई हमेशा पैसे वाले की होती है।

इस दुनिया में सबसे महँगी चीज़ इज़्ज़त है,
जो सिर्फ़ पैसा होने पर ही मिलती है।

कभी पैसा सिर चढ़ा देता है इंसान को,
कभी वही पैसा गिरा देता है हर अरमान को।

ज़िंदगी ने ये भी दिखा दिया आज,
पैसे के आगे कमज़ोर पड़ जाते हैं सारे जज़्बात।

हर कोई कहता है दिल से रहो,
पर बिना पैसे के दिल की कौन सुनता है, बोलो।

वक़्त के साथ आदतें नहीं, लोग बदलते देखे,
पैसे आए तो अपने, गए तो सब पराये देखे।

इंसान का किरदार तब समझ आता है,
जब पैसा न हो और साथ कोई न आता है।

आख़िरकार पैसा सिर्फ़ ज़रूरत था,
लोगों ने उसे ही ज़िंदगी की कीमत बना दिया।

मतलबी पैसे की दुनिया है

आज रिश्तों की कीमत नोटों से आंकी जाती है,
मतलबी पैसे की दुनिया है, ये बात हर रोज़ सिखाती है।

कुछ लोग हाल पूछते हैं सिर्फ फायदे के लिए,
यहाँ अपनापन भी बिकता है पैसे के साए के लिए।

सच यही है कि हालात बदलते ही लोग बदल जाते हैं,
पैसे की दुनिया में अपने भी पराए बन जाते हैं।

जहाँ ज़रूरत खत्म हुई, वहाँ पहचान भी खत्म हो गई,
मतलबी दौर में इंसानियत कहीं खो गई।

हर मुस्कान के पीछे आज कोई मतलब छुपा है,
पैसे ने रिश्तों पर अजीब सा पहरा लगा रखा है।

ज़िंदगी ने ये कड़वा सच बार-बार दिखाया है,
पैसे के बिना किसी ने हाल तक नहीं पूछा है।

लोग कहते हैं पैसा सब कुछ नहीं होता,
पर इसके बिना यहाँ कुछ भी पूरा नहीं होता।

अक्सर वही लोग सबसे ज़्यादा बदलते दिखे,
जिनकी बातें कभी बहुत सच्ची लगीं थीं मुझे।

यहाँ इज्ज़त भी हैसियत देखकर दी जाती है,
गरीब की सच्चाई अक्सर दबा दी जाती है।

पैसा आया तो तालियाँ, गया तो सन्नाटा है,
मतलबी दुनिया का बस यही तो नाटक है।

वक़्त ने सिखाया रिश्ते दिल से नहीं चलते,
इस दुनिया में सब कुछ फायदे से पलते।

इंसान की कदर अब इंसान से नहीं होती,
यहाँ हर चीज़ पैसों पर ही तोली जाती है।

आख़िर समझ आया इस दौर का उसूल,
मतलब निकलते ही लोग कर देते हैं सब भूल।

पैसे की शायरी

पैसे की शायरी

पैसा आया तो रिश्तों में मिठास दिखी,
जाते ही वही मिठास बेरुखी बन गई।

आज की दुनिया में सब कुछ तौला जाता है,
इंसान भी अब पैसों से पहचाना जाता है।

कुछ लोग हाल भी मतलब से पूछते हैं,
यहाँ अपनेपन के भी दाम लिखे होते हैं।

सच कड़वा है मगर मानना पड़ता है,
बिना पैसे के कोई साथ नहीं देता है।

जहाँ दौलत होती है वहीं भीड़ मिलती है,
खाली जेब को अक्सर तन्हाई मिलती है।

हर मुस्कान के पीछे एक हिसाब छुपा है,
पैसे ने रिश्तों को बाजार बना रखा है।

ज़िंदगी ने एक बात साफ़ समझा दी,
इज्ज़त भी यहाँ हैसियत से बांटी जाती है।

लोग कहते हैं पैसा सब कुछ नहीं,
पर इसके बिना यहाँ कुछ भी नहीं।

अक्सर वही सबसे ज़्यादा बदल जाते हैं,
जो कभी सबसे अपने कहलाते हैं।

वक़्त के साथ चेहरे नहीं, नियत बदली है,
पैसे की चमक ने सच्चाई ढक ली है।

इंसान की कीमत अब इंसान से नहीं,
यहाँ हर चीज़ नोटों से मापी गई है।

दुनिया ने ये हुनर भी सिखा दिया,
फायदा दिखा और रिश्ता निभा लिया।

आख़िर समझ आया इस दौर का फ़साना,
पैसा है तो सब अपना, वरना कोई नहीं पहचानता।

2 Line Matlabi Paise Ki Duniya Shayari

आज के दौर में अपनापन भी शर्त पर मिलता है,
मतलबी पैसे की दुनिया है, यहाँ सब कुछ बिकता है।

कुछ रिश्ते सिर्फ़ तब तक साथ रहते हैं,
जब तक जेब भरी हो और फ़ायदा रहते हैं।

सच ये है कि लोग बदलते नहीं, पहलू बदलते हैं,
पैसों की कमी हो तो चेहरे बदलते हैं।

यहाँ मुस्कुराहट भी मजबूरी में होती है,
मतलबी दुनिया में वफ़ा कम ही होती है।

हर कोई अपना लगता है जब तक काम निकलता है,
काम ख़त्म होते ही रिश्ता भी फिसल जाता है।

ज़रूरत के वक़्त जो साथ न खड़ा हो पाए,
पैसों के बाद उसका प्यार भी झूठा ही पाए।

लोग इज़्ज़त भी हैसियत देख कर देते हैं,
ग़रीब के सच को अक्सर अनदेखा कर देते हैं।

अक्सर वही लोग सबसे ज़्यादा अपने बनते हैं,
जो वक़्त आने पर सबसे पहले दूर होते हैं।

पैसे ने रिश्तों को बाज़ार बना दिया,
मतलब दिखा और अपनापन जता दिया।

वक़्त ने सिखा दिया एक कड़वा सा सच,
मतलबी दुनिया में जज़्बात होते हैं कच्चे।

इंसान की क़ीमत अब दिल से नहीं होती,
यहाँ हर पहचान पैसों से जुड़ी होती।

कभी सोचा न था ऐसा दिन भी आएगा,
प्यार कम और पैसा ज़्यादा याद आएगा।

आख़िर समझ लिया दुनिया का ये उसूल,
मतलब पूरा होते ही कर देते हैं भूल।

Matlabi Paise Ki Duniya Quotes

Matlabi Paise Ki Duniya Quotes

आजकल लोग जज़्बात नहीं, फ़ायदा पहचानते हैं,
ये मतलबी पैसे की दुनिया है, यहाँ सब समझते हैं।

कुछ रिश्ते सिर्फ़ तब तक ज़िंदा रहते हैं,
जब तक पैसा और ज़रूरत साथ चलती रहती हैं।

सच ये है कि दुनिया बदली नहीं है,
बस पैसे ने लोगों का असली चेहरा दिखा दिया है।

यहाँ इज़्ज़त भी नोट गिनकर मिलती है,
ग़रीब के सच की कोई क़ीमत नहीं होती है।

हर मुस्कुराहट के पीछे मतलब छुपा होता है,
पैसे के बिना यहाँ कोई अपना नहीं होता है।

ज़रूरत ख़त्म होते ही पहचान भी ख़त्म हो जाती है,
मतलबी दुनिया में यादें भी फ़ायदे से आती हैं।

लोग कहते हैं पैसा सब कुछ नहीं होता,
पर बिना पैसे यहाँ कोई भी कुछ नहीं होता।

अक्सर जो अपनापन दिखाते हैं,
वही सबसे पहले पैसों पर ही बिक जाते हैं।

पैसे ने रिश्ते कमज़ोर नहीं किए,
उसने सिर्फ़ कमज़ोर रिश्ते दिखाए हैं।

वक़्त के साथ इंसान नहीं, नीयत बदलती है,
और पैसों के साथ दुनिया की सोच बदलती है।

इंसान की पहचान अब उसके दिल से नहीं होती,
यहाँ हर पहचान पैसों से जुड़ी होती।

कभी पैसा अपना बना देता है,
कभी वही पैसा सब कुछ छीन लेता है।

आख़िर ये दुनिया एक ही बात सिखाती है,
मतलब हो तो रिश्ता, वरना सिर्फ़ तन्हाई होती है।

Paise Ki Duniya Shayari

आज पैसा है तो हर कोई अपना लगता है,
खाली जेब में इंसान अकेला ही रह जाता है।

कुछ मुस्कुराहटें सिर्फ़ पैसों के साथ आती हैं,
पैसे की दुनिया में यारी भी बिक जाती है।

सच कहना मुश्किल है, पर मानना पड़ेगा,
बिना पैसे के यहाँ कोई साथ नहीं खड़ा होगा।

यहाँ रिश्ते भी हिसाब से निभाए जाते हैं,
पैसे के बिना जज़्बात भुलाए जाते हैं।

हर कोई कहता है दिल साफ़ रखो,
पर पैसा न हो तो दिल की कौन सुनता है, बोलो।

ज़रूरत के वक़्त जो साथ न आए,
पैसों के बाद उसका प्यार भी झूठा पाए।

लोग बदलते नहीं, बस रंग दिखाते हैं,
पैसे की दुनिया में चेहरे जल्दी समझ आते हैं।

अक्सर ग़रीब की सच्चाई चुप जाती है,
और अमीर की ग़लती भी ताली पाती है।

पैसे ने सिखाया ये कड़वा सा उसूल,
मतलब पूरा होते ही कर देते हैं भूल।

वक़्त के साथ लोग नहीं, नीयत बदल जाती है,
पैसे के आते ही दुनिया झुक जाती है।

इंसान की क़ीमत अब दिल से नहीं होती,
पैसे के बिना यहाँ पहचान भी नहीं होती।

कभी सोचा न था ऐसा दौर भी आएगा,
प्यार कम और पैसा ज़्यादा याद आएगा।

आख़िर पैसे की दुनिया का यही सच है,
अपनापन सिर्फ़ लफ़्ज़ों में, असली मतलब ही सब कुछ है।

Paise Ke Liye Badalne Wale Log Shayari

आज पैसा आया तो सब अपने बन गए,
कल गया तो वही लोग अनजान बन गए।

कुछ चेहरे सिर्फ़ दौलत देखकर मुस्कुराते हैं,
पैसे के लिए लोग अपनी पहचान भूल जाते हैं।

सच ये है कि लोग रंग बदलते नहीं डरते,
पैसा दिखा और अपनापन जता देते।

यहाँ वफ़ा भी शर्त के साथ निभाई जाती है,
पैसे के बिना दोस्ती भी तोड़ दी जाती है।

हर कोई साथ चलने का वादा करता है,
पर पैसा न हो तो रास्ता बदल लेता है।

ज़रूरत ख़त्म होते ही लोग बदल जाते हैं,
पैसे के लिए रिश्ते भी बेच जाते हैं।

लोग कहते हैं हम हमेशा साथ रहेंगे,
पर नोट कम हुए तो सब पीछे रह जाते हैं।

अक्सर सबसे क़रीब वही लोग होते हैं,
जो पैसा देखते ही सबसे पहले दूर होते हैं।

पैसे ने दिखाया हर रिश्ते का असली रंग,
मतलब निकला और ख़त्म हो गया संग।

वक़्त के साथ जज़्बात नहीं, नीयत बदलती है,
पैसा आए तो इंसान की सोच बदलती है।

इंसान का किरदार तब सामने आता है,
जब पैसा कम हो और कोई साथ न आता है।

कभी जो अपने थे, आज पहचान भी नहीं,
पैसे के लिए बदलने वालों में शर्म भी नहीं।

आख़िर समझ आया दुनिया का ये उसूल,
पैसा हो तो रिश्ता, वरना सब भूल-भूल।

Paise Ki Duniya Ki Haqeeqat Shayari

आज की दुनिया ने एक सच सिखा दिया,
पैसा हो तो अपने, वरना सब भुला दिया।

कुछ रिश्ते सिर्फ़ ज़रूरत तक ही ज़िंदा रहते हैं,
हक़ीक़त ये है कि पैसों से ही पहचान बनती है।

सच कड़वा है पर झूठ से बेहतर लगता है,
पैसे के बिना यहाँ हर अपनापन थक सा जाता है।

यहाँ इज़्ज़त भी हैसियत से जोड़ी जाती है,
ग़रीब की बात अक्सर अनसुनी रह जाती है।

हर मुस्कान के पीछे एक हिसाब छुपा होता है,
पैसे की दुनिया में सब कुछ नाप-तोल होता है।

ज़रूरत ख़त्म होते ही रिश्तों की उम्र भी ख़त्म,
हक़ीक़त में यहाँ कोई नहीं निभाता हर क़दम।

लोग कहते हैं दिल साफ़ रखो बस,
पर पैसा न हो तो दिल की कौन सुनता है सच?

अक्सर सच बोलने वाले ही अकेले रह जाते हैं,
और पैसा बोलता है तो सब झुक जाते हैं।

पैसे ने सिर्फ़ चेहरे नहीं, सोच भी बदल दी,
हक़ीक़त ने इंसान की असली सूरत दिखा दी।

वक़्त के साथ इंसान नहीं, नीयत बदलती है,
पैसे के साथ दुनिया की नज़र बदलती है।

इंसान की क़ीमत अब जज़्बात से नहीं होती,
यहाँ हर चीज़ पैसों से तोली होती।

कभी अपनापन दिल से महसूस होता था,
आज हर रिश्ता सिर्फ़ फ़ायदे पे टिकता था।

आख़िर पैसे की दुनिया का यही सच है,
मतलब हो तो साथ, वरना तन्हाई ही बचती है।

2 Line Matlabi Paise Ki Duniya Shayari

आज के वक़्त में अपनापन भी शर्त पर मिलता है,
मतलबी पैसे की दुनिया है, यहाँ सब कुछ बिकता है।

कुछ चेहरे सिर्फ़ पैसा देखकर खिल जाते हैं,
मतलब ख़त्म हो जाए तो रिश्ते भी सिल जाते हैं।

सच ये है कि लोग बदलते नहीं, रंग दिखाते हैं,
पैसे के लिए अपनी फ़ितरत तक भूल जाते हैं।

यहाँ मुस्कुराहट भी ज़रूरत के साथ आती है,
मतलबी दुनिया में वफ़ा कम ही पाई जाती है।

हर कोई अपना तब तक साथ लगता है,
जब तक पैसा हो और फ़ायदा हो हाथ।

ज़रूरत पूरी होते ही पहचान भी ख़त्म,
पैसे की दुनिया में यही है सबसे बड़ा ग़म।

लोग इज़्ज़त भी हैसियत देखकर देते हैं,
ग़रीब के सच को अक्सर अनदेखा कर देते हैं।

अक्सर वही लोग सबसे क़रीब लगते हैं,
जो पैसों के बाद सबसे पहले बदलते हैं।

पैसे ने रिश्तों को बाज़ार बना दिया,
मतलब दिखा और अपनापन जता दिया।

वक़्त ने सिखा दिया एक कड़वा सा उसूल,
मतलबी दुनिया में जज़्बात होते हैं भूल।

इंसान की क़ीमत अब दिल से नहीं होती,
यहाँ हर पहचान पैसों से जोड़ी होती।

कभी अपने भी फ़ायदे के साथ आते हैं,
पैसे के बिना सब पराये नज़र आते हैं।

आख़िर समझ आया दुनिया का ये सच,
मतलब हो तो रिश्ता, वरना कुछ भी नहीं बच।

Emotional Shayari On Money

कभी पैसा कम था तो अपने कम हो गए,
समझ आया जज़्बात यहाँ महँगा सौदा हो गए।

आज जेब खाली थी तो आवाज़ भी कम हो गई,
पैसा न हो तो इज़्ज़त भी जैसे गुम हो गई।

कुछ ख़्वाब सिर्फ़ इसलिए अधूरे रह गए,
क्योंकि उनके लिए पैसा पूरा नहीं था।

सच बोलूँ तो दर्द पैसा होने का नहीं,
पैसा न होने पर बदलने वालों का होता है।

यहाँ आँसुओं की भी कोई क़ीमत नहीं,
जब तक उनके पीछे पैसा न खड़ा हो कहीं।

हर बार हार पैसों की नहीं होती,
कभी-कभी इज़्ज़त भी जेब के साथ खोती है।

ज़िंदगी ने ये एहसास धीरे-धीरे दिया,
पैसा कम हो तो अपनापन भी कम मिलता है यहाँ।

अक्सर चुप रहना पड़ा सिर्फ़ इसलिए,
क्योंकि सच के साथ पैसा नहीं था।

पैसे ने दर्द देना नहीं सिखाया,
उसने बस दर्द में साथ छोड़ने वालों को दिखाया।

वक़्त के साथ सब बदल गया,
जज़्बात वही रहे, बस पैसा कम रह गया।

इंसान तब सबसे ज़्यादा टूटता है,
जब मेहनत ज़्यादा और पैसा कम होता है।

कभी माँ-बाप के सपने भारी लगते हैं,
जब जेब हल्की और ज़िम्मेदारी भारी होती है।

आख़िर समझ आया पैसा क्या चीज़ है,
ये ख़ुशी कम और सच ज़्यादा दिखाता है।

Conclusion

In the end, this selfish world shows us the true face of people and relationships. Matlabi Paise Ki Duniya Hai Shayari helps express these feelings in simple words that everyone can understand, and Matlabi Paise Ki Duniya Hai Shayari reminds us that money may control the world, but it can never replace real emotions and humanity.

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